Ajay Yadav Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps April 16, 2019 तुम चले तो आँधियाँ-तूफ़ान ख़ुद ही चल पड़ेंगे, सागरों की बात क्या पर्वत बड़े भी ढह पड़ेंगे! ये न सोचना निशाएँ पथ तुम्हारा रोक लेंगी, तुम चले तो दीप क्या सूरज हज़ारों जल पड़ेंगे हम दिल भी जीतेंगे और चुनाव भी। Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
अजय June 14, 2019 जो महसूस करते हैं बयाँ कर देते हैं.. हमसे लफ़्ज़ों की दगाबाज़ी नहीं होती.!! Read more
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